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अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने वहां शिया समुदाय पर अपनी पाबंदियों में धीरे-धीरे इज़ाफ़ा किया है. हाल ही में काबुल में एक वरिष्ठ शिया आलिम ने आरोप लगाया कि तालिबान ने अस्थायी निकाह यानी निकाह-ए-मुतआ का अनुबंध कराने पर उन्हें तलब किया और उनके साथ हिंसा की गई. यह प्रथा शिया जाफ़री फ़िक़्ह यानी धार्मिक क़ानून की परंपरा में मान्य है, लेकिन सुन्नी हनफ़ी फ़िक़्ह में नहीं. अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार शियाओं पर कौन-कौन सी पाबंदियां लगा रही है? आज पहली ख़बर में इसी की बात.
रिपोर्ट: बीबीसी मॉनिटरिंग
आवाज़: प्रभात पांडे
एडिट: मुकेश कुमार
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